श्री राम नाम संकीर्तन की कहानी/Shri-Ram-Nam-Sankirtan-ki-Kahani

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श्री राम नाम संकीर्तन की कहानी

 

एक समय की बात है, काशी नगर में एक संत निवास करते थे, जो श्रीराम नाम संकीर्तन में लीन रहते थे। वे निरंतर “श्रीराम, जय राम, जय जय राम” का संकीर्तन करते और दूसरों को भी यही करने की प्रेरणा देते। उनकी भक्ति से प्रभावित होकर नगर के लोग भी राम नाम जपने लगे।

एक दिन, एक दरिद्र ब्राह्मण संत के पास आया और अपनी दरिद्रता से मुक्ति का उपाय पूछने लगा। संत ने उसे प्रेमपूर्वक कहा, “हे वत्स! यदि तुम सच्चे हृदय से श्रीराम का नाम जपो और प्रतिदिन राम संकीर्तन करो, तो तुम्हारे सभी कष्ट दूर हो जाएंगे।”

ब्राह्मण ने संत की बात मानी और प्रतिदिन श्रद्धा से राम नाम जपने लगा। कुछ ही समय में उसकी दरिद्रता दूर हो गई, और उसके जीवन में सुख-शांति आ गई।

इसी प्रकार, श्रीराम नाम संकीर्तन का प्रभाव संपूर्ण नगर में फैल गया। लोग भजन-कीर्तन में लीन रहने लगे और उनके जीवन से सभी दुख, कष्ट, भय और विपत्तियाँ दूर हो गईं।

शिक्षा:

श्रीराम नाम संकीर्तन से जीवन में सुख-समृद्धि आती है, मन शुद्ध होता है और भक्त को भगवान श्रीराम की कृपा प्राप्त होती है। जो भी सच्चे मन से श्रीराम का नाम जपता है, उसके सभी दुख दूर हो जाते हैं।

“राम नाम की महिमा अपरंपार है, जो इसका जप करता है, वह भवसागर से पार हो जाता है

Description

The Story of Shri Ram Naam Sankirtan

Once upon a time, in the holy city of Kashi, there lived a saint who was deeply devoted to chanting the name of Shri Ram. He would continuously sing “Shri Ram, Jai Ram, Jai Jai Ram and inspire others to do the same. His unwavering faith and devotion influenced the people of the town, and soon, many joined him in the divine practice of Ram Naam Sankirtan (chanting the holy name of Lord Ram).

One day, a poor Brahmin approached the saint and shared his sorrows, asking for a way to overcome his poverty. The saint lovingly said, “Dear child, if you sincerely chant the name of Shri Ram every day and participate in Ram Sankirtan with devotion, all your troubles will vanish.”

The Brahmin followed the saint’s advice and started chanting the name of Shri Ram with full faith. In a short time, his hardships disappeared, and his life was filled with peace and prosperity.

Gradually, the entire town embraced the practice of Shri Ram Naam Sankirtan. People became immersed in devotional songs, and as a result, their sufferings, fears, and difficulties faded away.

Moral of the Story:

Chanting the holy name of Shri Ram brings happiness, prosperity, and peace. It purifies the mind and grants divine blessings. Those who sincerely chant Shri Ram Naam experience the removal of all miseries and attain the grace of Lord Ram.

“The glory of Ram Naam is infinite; whoever chants it with devotion crosses the ocean of life effortlessly.”

श्री राम नाम संकीर्तन की कहानी

 

एक समय की बात है, काशी नगर में एक संत निवास करते थे, जो श्रीराम नाम संकीर्तन में लीन रहते थे। वे निरंतर “श्रीराम, जय राम, जय जय राम” का संकीर्तन करते और दूसरों को भी यही करने की प्रेरणा देते। उनकी भक्ति से प्रभावित होकर नगर के लोग भी राम नाम जपने लगे।

एक दिन, एक दरिद्र ब्राह्मण संत के पास आया और अपनी दरिद्रता से मुक्ति का उपाय पूछने लगा। संत ने उसे प्रेमपूर्वक कहा, “हे वत्स! यदि तुम सच्चे हृदय से श्रीराम का नाम जपो और प्रतिदिन राम संकीर्तन करो, तो तुम्हारे सभी कष्ट दूर हो जाएंगे।”

ब्राह्मण ने संत की बात मानी और प्रतिदिन श्रद्धा से राम नाम जपने लगा। कुछ ही समय में उसकी दरिद्रता दूर हो गई, और उसके जीवन में सुख-शांति आ गई।

इसी प्रकार, श्रीराम नाम संकीर्तन का प्रभाव संपूर्ण नगर में फैल गया। लोग भजन-कीर्तन में लीन रहने लगे और उनके जीवन से सभी दुख, कष्ट, भय और विपत्तियाँ दूर हो गईं।

शिक्षा:

श्रीराम नाम संकीर्तन से जीवन में सुख-समृद्धि आती है, मन शुद्ध होता है और भक्त को भगवान श्रीराम की कृपा प्राप्त होती है। जो भी सच्चे मन से श्रीराम का नाम जपता है, उसके सभी दुख दूर हो जाते हैं।

“राम नाम की महिमा अपरंपार है, जो इसका जप करता है, वह भवसागर से पार हो जाता है

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